दिग्विजय भाटी से कथित तौर पर SSP दफ्तर के भीतर मारपीट हुई। इसका आरोप तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय पर लगा। मामला शासन तक पहुंचा। अविनाश पांडेय मेरठ से हटा दिए गए। इंस्पेक्टर सस्पेंड हुए। करीब 8 पुलिसवाले लाइन हाजिर किए गए थे।
अब दिग्विजय भाटी द्वारा यह कहना कि मैं आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहता, इस शपथ पत्र ने पूरा केस ही मोड़ दिया है। माना जा रहा है कि भाटी के फैसला कर लेने से अब IPS सहित सभी पुलिसकर्मियों को विभागीय कार्रवाई से बड़ी राहत मिल सकती है।







