मीरजापुर।
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में बाल श्रम मुक्त और किशोर श्रम मुक्त समाज के संबंध में चलाए जा रहे अखिल बाल बचाव एवं पुनर्वास तथा किशोर श्रम उन्मूलन अभियान के क्रम में बुधवार को मानव दुर्व्यापार निरोधक इकाई और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन के नेतृत्व में टीम ने होटल, ढाबा, कार गैराज एवं ऑटो मरम्मत केंद्रों पर सघन जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया।
जांच के दौरान पांच नाबालिग बच्चों को बालश्रम करते हुए पाया गया। टीम ने बच्चों को मुक्त कराते हुए सेवायोजकों के विरुद्ध चालान की कार्यवाही अमल में लाई। इस दौरान प्रभारी मानव दुर्व्यापार निरोधक इकाई मीरजापुर रामअधार यादव व उप निरीक्षक आरती कुमार सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
सभी बच्चों को बाल सहायता रेखा की मदद से बाल कल्याण समिति मीरजापुर को सुपुर्द किया गया। वहीं आरोपितों के विरुद्ध थाना मानव दुर्व्यापार निरोधक इकाई मीरजापुर में मुकदमा अपराध संख्या 05/2026 धारा 143(5) भारतीय न्याय संहिता में पंजीकृत कर न्यायालय मीरजापुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
दूसरा समाचार
शीर्षक: साइबर सेल की बड़ी कामयाबी, यूपीआई ठगी के 18,800 रुपये पीड़ित के खाते में वापस
उप शीर्षक: बैंक व व्यापारी से समन्वय कर ठगी की धनराशि पर लगाई थी रोक, पीड़ित ने पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की
मीरजापुर थाना कोतवाली कटरा की साइबर सेल टीम ने अंतरजाल ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 18,800 रुपये उसके बैंक खाते में वापस कराए हैं। आवेदक अशीष बिन्द निवासी 39वीं वाहिनी प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी, थाना कोतवाली कटरा, जनपद मीरजापुर ने अपने साथ हुई ठगी की सूचना थाने की साइबर सेल में दी थी। अज्ञात द्वारा यूपीआई के माध्यम से आवेदक के खाते से तीन बार में कुल 18,800 रुपये निकाल लिए गए थे।
शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने बैंक व व्यापारी से समन्वय कर ठगी की धनराशि पर रोक लगवाई। बुधवार 09.09.2026 को रोक लगाई गई 18,800 रुपये की धनराशि शिकायतकर्ता के बैंक खाते में वापस करा दी गई।
खाते में रुपये वापस आने पर आवेदक थाने पहुंचा और मीरजापुर पुलिस के उच्चाधिकारियों एवं साइबर अपराध टीम थाना कोतवाली कटरा पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया। साइबर जागरूकता अभियान के तहत आवेदक को साइबर ठगी से सावधान रहने के प्रति जागरूक किया गया और अन्य लोगों को भी सतर्क रहने की बात बताई गई। टीम में प्रभारी निरीक्षक नीरज पाठक, निरीक्षक रामप्रीत यादव, उप निरीक्षक कृष्णकांत त्रिपाठी व कांस्टेबल इरफान अंसारी शामिल रहे।







