UPCOS का शुभारम्भ: आउटसोर्स कर्मियों के मानव संसाधन प्रबंधन में डिजिटल की शुरुआत

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

भदोही 02 सितम्बर 2026:–

संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण हेतु उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारम्भ UPCOS के पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग एवं लोगो का अनावरण आउटसोर्स कर्मियों को चेक वितरण कार्यक्रम विकास भवन डीपीआरसी सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक दीनानाथ भास्कर, जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, जिलाधिकारी शैलेष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविन्द शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (वि/रा) शुभांगी शुक्ला ने कार्यक्रम का भव्य शुभारम्भ किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग की जा सके, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल मैनेजमेंट एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, पेमेंट और मानदेय से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी व्यवस्था के माध्यम से वह अपना ग्रीवांस या शिकायत भी दर्ज करा सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी का मानदेय सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। EPF और ESI का योगदान भी नियमित रूप से जमा किया जाएगा। कोई आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी कर्मचारी के मानदेय से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी को सरकार अलग से उसका सेवा शुल्क देगी और कर्मचारी के मानदेय से किसी प्रकार की सर्विस चार्ज की कटौती नहीं की जाएगी। मा. मुख्यमंत्री ने कहा कि EPF यानी कर्मचारी की भविष्य निधि का पैसा उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा। सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद यह राशि उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पूंजी के रूप में उपयोगी होगी।

इसी प्रकार ESI के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ESI अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को किसी कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होती है तो पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार मामले की जांच करेगी और यदि कर्मचारी के विरुद्ध की गई शिकायत या रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। निर्धारित वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के आधार पर दुर्घटना बीमा का कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा।

किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार और यह व्यवस्था कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंक के माध्यम से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स में बदलने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बोझ मानती थीं। यही कारण था कि उस समय की अधिकांश आउटसोर्स कंपनियों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया जाता था। भर्ती के नाम पर, यूनिफॉर्म के नाम पर और अन्य कार्यों के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था। इस शोषण को रोकने का कार्य डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं माना, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन के रूप में उन्हें प्रदेश की संपत्ति माना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन एक चीज हमारे लिए कभी नहीं बदलेगी और वह है मानव श्रम का सम्मान। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। केवल टेक्नोलॉजी पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं हो सकती। हम मशीन नहीं हैं। हमारी संवेदना ही हमारी पहचान होनी चाहिए।

जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारम्भ आउटसोर्स कर्मियों के हितों को सुरक्षित करने और मानव संसाधन प्रबंधन को पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। UPCOS पोर्टल एवं वेबसाइट के माध्यम से व्यवस्थाओं में सुगमता और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनके हितों एवं सुविधाओं का ध्यान रखना शासन की प्राथमिकता है।

विधायक औराई दीनानाथ भास्कर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के भय से मुक्ति, भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्ति तथा पारदर्शिता के साथ एक नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे सामान्य परिवारों का विश्वास बढ़ा है। बिजली और पानी घरों तक पहुंचा तो लोगों के जीवन में बदलाव आया है। सड़कें बनीं तो गांव और बाजार के बीच की दूरी कम हुई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का हक सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। अब बिचौलियों के हाथ में नकद पैसा नहीं जाएगा, बल्कि लाभार्थी के खाते में सीधे पैसा पहुंचेगा।

जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारम्भ आउटसोर्स कर्मियों के हित में महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुगमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। UPCOS के माध्यम से उनके अधिकारों, सुविधाओं और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने आउटसोर्स कर्मियों को UPCOS के शुभारम्भ की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में आउटसोर्स कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी कर्मचारी समयबद्धता, अनुशासन एवं कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन करें तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

जनप्रतिनिधिगणों व जिलाधिकारी ने कहा कि सफाई कर्मियों को वितरित किए गए सेफ्टी जैकेट एवं सुरक्षा किट उनके कार्य के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होंगे।

इस दौरान कन्या विवाह सहायता योजना के तहत पन्नालाल, उमाशंकर, अनिल कुमार, आरती को 55 हज़ार का डेमो चेक दिया गया। उन्होंने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए शुभकामनाएं देते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन करने पर बल दिया।

इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी भदोही दयाशंकर वर्मा, अधिशासी अधिकारी सुरियावा सुजीत कुमार, अधिशासी अधिकारी घोसिया/खमरिया अमित कुमार एवं भारी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी रहे।

 

रिपोर्ट – फ़ारुख़ जाफ़री

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई

मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत थाना जंसा पुलिस द्वारा परिवार परामर्श केंद्र से लाभान्वित परिवारों को सम्मानित करने एवं छात्राओं को नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन के प्रति जागरूक करने के संबंध में।