तस्वीरों के जरिए छात्रों ने हॉस्टल की स्थिति दिखाई और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
किताब और नोट्स तक खराब होने का आरोप धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। छात्र करीब एक साल से इन समस्याओं को लेकर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। एक छात्र ने अपनी किताब और नोट्स दिखाते हुए कहा कि इन्हें दीमक ने खराब कर दिया है। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई के लिए जरूरी सामान खराब होने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।

शिकायत करने पर हॉस्टल से निकालने की धमकी का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया कि समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर उन्हें हॉस्टल से बाहर निकलवाने की धमकी भी दी जाती है। छात्रों का कहना है कि वे कई बार अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। छात्रों ने कहा कि यदि समय रहते हॉस्टल की समस्याओं का समाधान किया जाता तो उन्हें विरोध के लिए किताब, बैग और कपड़े लेकर बाहर बैठने की जरूरत नहीं पड़ती।
एडमिन वार्डन मौके पर पहुंचे
छात्रों के धरने की जानकारी मिलने के बाद एडमिन वार्डन मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को बताया कि उनकी शिकायतें प्रशासन को भेज दी गई हैं। साथ ही जल्द समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।हालांकि, छात्रों ने कहा कि उन्हें पिछले एक साल से इसी तरह आश्वासन दिया जा रहा है। उनका कहना था कि जब तक हॉस्टल की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार नहीं होता, तब तक केवल शिकायत भेजे जाने की बात से उनकी समस्या हल नहीं होगी।

वार्डन बोले- समस्याओं के समाधान में लगेगा समय
बिरला ए छात्रावास के वार्डन सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छात्रों की सभी समस्याओं को लिखकर विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान में अभी कुछ समय लगेगा, लेकिन जल्द ही आवश्यक सुधार कराया जाएगा। धरने पर बैठे छात्रों ने एक वीडियो भी दिखाया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया की वार्डन द्वारा छात्र को धक्का दिया गया। वह अपनी समस्या को लेकर उनके पास गया था।







