जिलाध्यक्ष शिवकुमार विश्वकर्मा बोले – छात्रों की शहादत के बाद जगी सरकार, राम भक्तों का अपमान बर्दाश्त नहीं

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) कानपुर की एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी बैठक रविवार को बर्रा-6 स्थित जिला कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शिवकुमार विश्वकर्मा ने की। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

इसी क्रम में जिलाध्यक्ष ने सुनील राजपूत को जिला कमेटी में जिला सचिव और वार्ड 9 रविदासपुरम अंबेडकर नगर का वार्ड प्रमुख मोनू राजपूत को नियुक्त किया। दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को पार्टी का गमछा पहनाकर शुभकामनाएं दी गईं। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शिवकुमार विश्वकर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा आज देश का युवा सड़कों पर है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कोचिंग छात्रों का आंदोलन और हादसे में बच्चों की जान जाना बेहद दुखद है।

ये कुम्भकर्णी नींद में सोई केंद्र की भाजपा सरकार के लिए शर्म की बात है कि बच्चों की कुर्बानी के बाद शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। गरीब का बेटा अब आईएएस – पीसीएस का सपना भी नहीं देख सकता। शिवसेना मांग करती है कि छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय की जाए, वरना आंदोलन और तेज होगा। राम मंदिर निर्माण में हुए चंदा घोटाले का जिक्र करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा की उत्तर प्रदेश में श्रीराम मंदिर के नाम पर करोड़ों का चंदा इकट्ठा हुआ।

गरीब से लेकर अमीर तक हर रामभक्त ने अपनी श्रद्धा से एक-एक रुपया दान किया। लेकिन आज खबरें आ रही हैं कि उसी चंदे में करोड़ों की हेराफेरी हुई है। ये सिर्फ घोटाला नहीं, ये 140 करोड़ रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से मांग है कि वो निष्पक्ष जांच कराकर चंदा चोरों को सलाखों के पीछे भेजने का काम करे। जो लोग भगवान राम के नाम पर भी भ्रष्टाचार कर गए, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के एक बयान पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि सतीश महाना पंजाबी समाज से आते हैं, हम उनका सम्मान करते हैं। लेकिन भगवान श्रीराम हमारे आराध्य हैं। राम मंदिर हमारे चंदे से, हमारे पसीने से बना है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को इस बात का ध्यान रखना चाहिए था। श्रद्धा दिल से होती है। जिसकी जैसी आस्था है वो वैसे ही प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित है।

महाना जी कौन होते हैं ये तय करने वाले कि किसका चंदा लगा और किसका नहीं? ये बयान रामभक्तों का अपमान है। हम मांग करते हैं कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सार्वजनिक रूप से रामभक्तों से माफी मांगें। बैठक में मुख्य रूप से सुरेंद्र राजपूत वरिष्ठ महासचिव रंजीत सिंह सेंगर वरिष्ठ सचिव शिवम शुक्ला कार्यालय प्रभारी कामेश्वर शास्त्री वरिष्ठ नेता शैलेंद्र सक्सेना सचिव गोविंद कुशवाह संयुक्त सचिव सत्यप्रकाश गुत्ता संयुक्त सचिव रामपाल शीलू शर्मा सचिव आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी तिवारी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई