चन्दौली बबुरी जनपद मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित नेंगुरा आंगनबाड़ी केंद्र में चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है।
मौके पर पहुंची सुदर्शन न्यूज़ टीम ने जब केंद्र का निरीक्षण किया तो कई गंभीर अनियमित तायें उजागर हुईं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 25 बच्चों के नाम दर्ज होने के बावजूद केंद्र पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला। बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर और बाल पुष्टाहार से संबंधित रजिस्टर भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिले
इतना ही नहीं,बच्चों के लिये भोजन की व्यवस्था बंद मिली और केंद्र में बिजली की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं दिखी।
हैरानी की बात यह है कि जिला मुख्यालय पर आंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर नियमित समीक्षा बैठकें होने के बावजूद जमीनी स्तर पर ऐसी गंभीर लापरवाही सामने आना कई सवाल खड़े करता है।
25 बच्चों का रिकॉर्ड आखिर किस आधार पर चल रहा था।
उपस्थिति और पुष्टाहार रजिस्टर आखिर कहां हैं।
बच्चों का भोजन कौन खा रहा है।
क्या सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार कर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
आखिर मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन.
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी आंगनबाड़ी कर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाये,ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में बच्चों तक पहुंच सके।
मासूमों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं,
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







