दुःख-सुख के सच्चे सहभागी बने सुरेश कुमार शर्मा: महाराष्ट्र के उद्योगपति शिव कुमार शर्मा का हाल जानने वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल पहुंचे, मानवता और सामाजिक सरोकार की पेश की मिसाल

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वाराणसी

राजनीति और समाज सेवा का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है। जब कोई व्यक्ति लोगों के सुख-दुःख में बिना किसी स्वार्थ के उनके साथ खड़ा दिखाई दे। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय सचिव, खेल एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ एवं समाजसेवी सुरेश कुमार शर्मा ने महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित उद्योगपति मां धर्मा देवी फाउंडेशन ट्रस्ट के जनपद वाराणसी के जिलाध्यक्ष अमर शर्मा उर्फ कप्तान के ससुर शिव कुमार शर्मा के अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही वाराणसी स्थित हेरिटेज अस्पताल, भदवर बाईपास पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना।

इस अवसर पर सुरेश कुमार शर्मा के साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश सचिव राजेश गौतम एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला भी उपस्थित रहे। उन्होंने उद्योगपति शिव कुमार शर्मा एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

अस्पताल परिसर में उपस्थित जनों ने कहा कि सुरेश कुमार शर्मा का व्यक्तित्व केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता तक सीमित नहीं है। बल्कि वे समाज के हर वर्ग के चाहे वह आम नागरिक हो। या पत्रकार, किसान, व्यापारी या उद्योगपति के हर एक सुख-दुःख में सदैव सहभागी बनकर खड़े रहते हैं। यही कारण है। कि समाज में उनकी एक अलग पहचान निरंतर स्थापित हो रही है।

इस दौरान लाले कुमार शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, आकाश कुमार शर्मा, विकास कुमार शर्मा, अमर शर्मा, कप्तान सोनी शर्मा, सुशीला शर्मा, ध्रुव शर्मा एवं शौर्य शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

सुरेश कुमार शर्मा ने कहा, मानव जीवन में सबसे बड़ा धर्म एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील होना है। यदि हमारे किसी अपने को हमारी आवश्यकता है। तो हमें हर परिस्थिति में उसके साथ खड़ा होना चाहिए। समाज सेवा केवल मंचों से दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि जरूरत के समय किसी का हाथ थामने से सिद्ध होती है।

नाई समाज एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सुरेश कुमार शर्मा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि समाज की वास्तविक पूंजी होते हैं। जो पद और प्रतिष्ठा से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हैं।

वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल में हुई यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देने वाली रही कि सेवा, संवेदना और समर्पण ही किसी व्यक्ति को जन-जन का प्रिय बनाते हैं।

 

रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा

 

 

 

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