चंदौली इलिया
भीषण गर्मी और उमस के बीच रात में घंटों तक हो रही बिजली कटौती ने आमजन का धैर्य जवाब दे दिया है। दिनभर की भागदौड़ के बाद आराम की उम्मीद लेकर घर लौटने वाले लोगों को पूरी रात बिजली की आंख-मिचौली झेलनी पड़ रही है।
लगातार हो रही कटौती से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि रात में लो बोल्टेज के साथ कई-कई घंटे बिजली गायब रहने से लोगों की नींद हराम हो गई है। बिजली जाने के बाद उमस के कारण घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। इनवर्टर भी कुछ समय बाद जवाब दे देते हैं, जिससे लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ रही है। इसके बावजूद विभाग की ओर से न तो कोई स्पष्ट सूचना दी जाती है और न ही समय पर आपूर्ति बहाल होती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब उपभोक्ता समय से बिजली बिल जमा कर रहे हैं, तो उन्हें निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलना उनका अधिकार है। बार-बार की कटौती से विद्यार्थियों की पढ़ाई, छोटे व्यापारियों का कामकाज और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रात में होने वाली अनावश्यक बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए। यदि तकनीकी खराबी या रखरखाव के कारण आपूर्ति बाधित करनी पड़े तो उसकी पूर्व सूचना दी जाए तथा फॉल्ट होने पर तत्काल मरम्मत कर बिजली बहाल की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे अपनी समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और जनआंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी मजबूर होंगे। अब लोगों का सीधा सवाल है—आखिर रात की यह बिजली कटौती कब रुकेगी और उपभोक्ताओं को राहत कब मिलेगी?







