वाराणसी, 14 जुलाई।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल की नई तबादला नीति ने पूर्वांचल के बिजली महकमे में बड़ा प्रशासनिक भूचाल ला दिया है। देर रात जारी तबादला सूची के बाद वाराणसी से लेकर गोरखपुर तक अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई है। बड़े पैमाने पर हुए इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को एक डिस्कॉम से दूसरे डिस्कॉम में स्थानांतरित कर दिया गया है।
आधे दर्जन SE, एक दर्जन XEN और 54 AE का तबादला, अभी और आएंगी सूचियां
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब आधा दर्जन अधीक्षण अभियंता (SE), एक दर्जन अधिशासी अभियंता (XEN) और 54 सहायक अभियंताओं (AE) के गैर-कंपनी तबादले किए जा चुके हैं। वहीं सचिवालय सूत्रों का दावा है कि यह प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले दिनों में तबादलों की नई सूचियां भी जारी हो सकती हैं।
PM के संसदीय क्षेत्र और CM के गृह क्षेत्र पर सबसे बड़ी चुनौती
इस व्यापक तबादला अभियान के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने की होगी। भीषण गर्मी और मानसून के दौरान नए अधिकारियों के लिए क्षेत्र की तकनीकी और भौगोलिक परिस्थितियों को समझना आसान नहीं होगा, जिससे बिजली व्यवस्था और राजस्व वसूली पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
फील्ड मॉनिटरिंग पर पड़ सकता है असर विभागीय सूत्रों का कहना है कि बड़े पैमाने पर अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद नए अधिकारियों को कार्यक्षेत्र समझने में समय लगेगा। इससे शुरुआती दिनों में फील्ड मॉनिटरिंग, शिकायत निस्तारण और संचालन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
अब पूर्वांचल की ‘तबादला एक्सप्रेस’ का इंतजार
मुख्यालय स्तर पर हुए इस बड़े बदलाव के बाद अब निगाहें पूर्वांचल डिस्कॉम के आंतरिक तबादलों पर टिकी हैं। चर्चा है कि स्थानीय स्तर पर भी पटल परिवर्तन और बड़े पैमाने पर आंतरिक स्थानांतरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। संकेत मिलते ही जूनियर इंजीनियरों, लाइन स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के तबादलों की सूची भी जारी हो सकती है, जिससे पूरे विभाग में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।











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