चंन्दौली
बबुरी आरन्यक संस्था ने आयोजित की जैविक खेती जागरूकता गोष्ठी, किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का दिया संदेश पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आरन्यक संस्था द्वारा जनपद चंदौली में जैविक खेती जागरूकता एवं किसान संवाद गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सैकड़ों किसान भाइयों ने सहभागिता करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जैविक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया तथा सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर आरन्यक संस्था की संस्थापक एवं अध्यक्ष चेतना सिंह ने कहा—
“आरन्यक संस्था का उद्देश्य केवल जागरूकता अभियान चलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक किसान को प्रकृति के साथ जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण, जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है। हमारा संकल्प है कि गाँव-गाँव तक प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश पहुँचाया जाए तथा किसानों को तकनीकी एवं सामाजिक स्तर पर हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए।”
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उप जिलाधिकारी, क्षेत्रीय थाना अध्यक्ष एवं प्रख्यात अधिवक्ता सत्यम यादव जी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने किसानों को जैविक खेती अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
इस सफल आयोजन में आरन्यक संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। संस्था की ओर से सुश्री सृष्टि सिंह, वीरेंद्र विक्रम सिंह, सुश्री मानसी, सुश्री कृतिका, पंकज, शशांक एवं पवन सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों, सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के सफल संचालन एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के समापन पर संस्था की ओर से सभी सम्मानित अतिथियों, अधिकारियों, किसान भाइयों, सहयोगियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
साथ ही यह संकल्प दोहराया गया कि आरन्यक संस्था भविष्य में भी किसानों के हित, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं सतत ग्रामीण विकास के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाती रहेगी।“किसान समृद्ध होगा, तभी भारत समृद्ध होगा।“जैविक खेती ही स्वस्थ भविष्य और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।”











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