चकिया (चंदौली)
धान की रोपाई के बीच सिंचाई संकट से परेशान किसानों का सब्र जवाब दे गया। चकिया क्षेत्र के पचवनिया, केराडीह, मौजपुर, वीरपुर, मनसापुर और ठेकहा गांवों के किसान पचवनिया पुल के पास धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि पुल के साथ टूटा छलका (जल निकासी/जल प्रवाह संरचना) चार–पांच महीने पहले तोड़कर नया निर्माण शुरू किया गया, लेकिन आज तक कार्य पूरा नहीं हुआ।
किसानों का कहना है कि जो नया छलका बनाया गया है, उसकी ऊंचाई मानक से काफी कम है। इसके कारण नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है। धान की रोपाई पिछड़ रही है और खेतों में तैयार नर्सरी सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा और सड़क जाम जैसे बड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।
धरने का समर्थन कर रहे लालचंद एडवोकेट ने कहा कि किसानों की मांग पूरी तरह जनहित में है। उन्होंने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) तथा निर्माण करा रहे ठेकेदार से तत्काल मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और छलके को निर्धारित मानक के अनुसार ऊंचा कराने की मांग की। उनका कहना है कि तभी पानी खेतों तक पहुंचेगा और किसान समय पर धान की रोपाई कर सकेंगे।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और निर्माण में आवश्यक सुधार कर सिंचाई व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।







