वाराणसी विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो-2) नितिन पांडे की अदालत ने शासन के मिशन महिला शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत एक गरीब हिन्दू परिवार की बेटी से जबरन निकाह कराने के लिए मारपीट कर धमकी देने के मामले में औरंगाबाद थाना चेतगंज निवासी आरपी डॉ. नईम कादरी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज़ कर दी। अदालत में जमानत अर्जी का विरोध विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने किया।अभियोजन पक्ष के अनुसार जयप्रकाश नगर सिगरा निवासी एक महिला ने सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी
कि वह नई सड़क स्थित शेख सलीम फाटक निवासी राहत दवाखाना के मालिक बाबा डॉ. नईम कादरी के सम्पर्क में दस सालों से थी। वह उससे झाड़ फूंक कराने जाती थी। महिला का आरोप है कि नईम उसे काफी प्रताड़ित करता है। हर दो चार दिन पर उसे घर आकर मारने पीटने के साथ बेटी से निकाह कराने के लिए दबाव बनाता रहा। कहता है कि तेरी बेटी जवान हो गई। उसका निकाह मुझसे कराओ। अपने बेटे का भी मुसलमानी कराओ, फिर उसका भी हम निकाह कर देंगे। बीते 23 जुलाई को बाबा घर पहुंचा और धमकी दी कि बेटी का निकाह कराओ नहीं तो तुम सभी को काटकर फेंक देंगे। इसके बाद उसने पिटाई भी की। फिर 29 जुलाई को नईम पीड़िता के पति जिस दुकान पर काम करता है, वहां पहुंचा और कहा कि कल बेटी का निकाह मुझसे नहीं करोगे तो दस गोली तुम्हें मारेंगे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिय।







