वाराणसी
काशी की धार्मिक गरिमा, माँ गंगा की अविरल-निर्मल धारा और शहर के समग्र विकास की मांग को लेकर अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी वाराणसी को सौंपा। इस संवेदनशील विषय को गंभीरता से सुनने और सकारात्मक पहल का भरोसा देने के लिए अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी की प्रशंसा की।
क्या मांगी गईं मांगे
दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी, संरक्षक राजस्व बार एसोसिएशन महामंत्री जितेंद्र तिवारी एडवोकेट और भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक राजेश त्रिवेदी एडवोकेट के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया। साथ में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
मांगपत्र में काशी के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों को विशेष धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षित क्षेत्र घोषित करने, गंगा घाटों पर आचार-संहिता लागू करने, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा-निगरानी मजबूत करने, गंगा प्रदूषण करने वालों पर कठोर कार्रवाई, धार्मिक मर्यादा के विपरीत गतिविधियों पर नियंत्रण और जन-जागरूकता अभियान चलाने की मांग की गई।
काशी आस्था का केंद्र, DM का सहयोग सराहनीय”
संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि काशी सिर्फ नगर नहीं, भारत की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। माँ गंगा भारतीय सभ्यता की जीवनरेखा हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट भी गंगा की पवित्रता और घाटों की मर्यादा पर चिंता जता चुका है।
महामंत्री जितेंद्र तिवारी एडवोकेट ने कहा कि काशी-गंगा के संरक्षण का मुद्दा उठाने में जिलाधिकारी ने जो तत्परता और सकारात्मक रुख दिखाया है, वह सराहनीय है। उनका सहयोग और संवेदनशीलता प्रशासन और समाज के बीच सेतु का काम करेगी। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मांगपत्र को संस्तुति के साथ PM-CM तक भिजवाने का अनुरोध किया।











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