अम्बेडकरनगर
जनपद में जिला अधिकारी कार्यालय द्वारा शपथ-पत्र पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शासनादेशों की अवहेलना किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला अधिकारी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से अथवा पंजीकृत डाक से प्राप्त शपथ-पत्रयुक्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि शासन की व्यवस्था के अनुसार शपथ-पत्र पर प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु जिला अधिकारी द्वारा जांच टीम गठित की जानी चाहिए, जो शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। इसके बाद जिला अधिकारी को रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को भी अवगत कराना आवश्यक है।
आरोप है कि अम्बेडकरनगर में अधिकांश शिकायतों को केवल संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि वास्तविक जांच और कार्रवाई नहीं होती। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायतों की प्रगति जानने के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
कई मामलों में सूचना देने के बजाय सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन करने की सलाह दी जाती है। आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगने पर भी विलंब किया जाता है तथा प्राप्त आख्या में कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं होता।
मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि 1 जनवरी 2026 से जिला अधिकारी कार्यालय, अम्बेडकरनगर को प्राप्त सभी शपथ-पत्रयुक्त शिकायतों एवं उन पर की गई कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
साथ ही शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, शासनादेशों की अवहेलना तथा जनहित के मामलों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि शिकायतों के निस्तारण में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तो इससे न केवल आम जनता का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा, बल्कि शासन की पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था की छवि भी प्रभावित होगी।











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