उन्नाव।
जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम बिकने वाले गोगो जैसे पेपर कोन के दुरुपयोग ने अभिभावकों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। मूल रूप से तंबाकू अथवा हर्बल धूम्रपान के लिए बनाए गए इन पेपर कोन का प्रयोग अब अवैध मादक पदार्थों के सेवन में किया जा रहा है। इसका असर स्कूली बच्चों और किशोरों तक दिखाई देने लगा है।
जानकारी के अनुसार शहर के प्रमुख बाजारों के साथ-साथ कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी दुकानों पर भी ये पेपर कोन आसानी से उपलब्ध हैं। स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, सार्वजनिक स्थलों तथा गांवों के चौराहों के आसपास इनके खाली रैपर व अवशेष मिलना आम बात होती जा रही है, जो नशे की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल-कॉलेजों के आसपास ऐसे उत्पादों की बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जन- जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है।











Users Today : 23
Users This Year : 24712
Total Users : 37305
Views Today : 97
Total views : 73428