सुलतानपुर।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय तहसील के गोविन्दपुर झील की एक जनपद एक वेटलैंड योजना के तहत वन विभाग ने सूरत बदलने की कार्ययोजना तैयार की है। गोविन्दपुर झील को इको टूरिज्म,बर्ड वाचिंग,नेचर पार्क में रूप में विकसित करने की पहल शुरू हो गई है।
बता दें कि वन विभाग ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट गोविन्दपुर झील की 9.7250 हेक्टेयर भूमि को आर्द्र भूमि का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव लगभग दो महीने पहले जिला आर्द्र भूमि समिति को भेजा था।हाल ही में समिति ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है।शासन से स्वीकृति मिलने के बाद गोविन्दपुर झील की सुंदरता देखने लायक होगी।
जानें झील की क्या है खासियत
सारस,बगुला,जलमुर्गी,बतख,परपल,मूरहेन,किंगफिसर आदि पक्षी गोविन्दपुर झील में विचरण करते हैं। झील का प्राकृतिक अस्तित्व और जल संचयन की क्षमता बहुत अच्छी है।झील में गाद का जमाव होने के कारण जलधारण की क्षमता कम होती है।पक्षियों का कलरव देख इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों के कदम अपने आप यहां रुक जाते हैं। कमल,जलमुर्गी, हाइड्रिला, वाटर लिली आदि प्रमुख वनस्पतियां इस झील की पहचान संजोए हुए हैं।
झील की रौनक बढ़ने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
कन्धई का पुरवा के बलवन्त सिंह,पप्पू सिंह,बहुरावां के दिनेश सिंह,उमेश,प्रदीप, बिसावां के चन्द्र प्रताप का कहना है कि इस पहल का क्रियांवयन होने के बाद झील की सुंदरता बढ़ने के साथ ही पर्यटन काे भी बढ़ावा मिलेगा। इलाके के लोगों के साथ राहगीर भी यहां विचरण कर लुत्फ उठाएंगे।
शासन को भेजा गया है प्रस्ताव
एक जनपद एक वेटलैंड के तहत गोविन्दपुर झील का चयन गया था।आर्द्र भूमि संरक्षण एवं प्रबंधन अधिनियम 2017 के तहत गोविन्दपुर झील को अधिसूचित कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है।











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