राजधानी भोपाल में बाल विवाह का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह 18 अप्रैल 2026 को थुआखेड़ा पंचायत में रायसेन निवासी युवक के साथ करा दिया गया।सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों और इसके सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया, लेकिन परिवार ने उनकी एक नहीं सुनी और विवाह की रस्में पूरी कर दीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया। बाल संरक्षण तंत्र और मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया, जिसके बाद पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कजली खेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दूल्हे सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य दोषियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
बाल विवाह पर सख्त कानून होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







