जौनपुर।
थाना लाइन बाजार क्षेत्र के हिसामपुर लखनपुर स्थित सम्राट अशोक भवन में आज इतिहास, संस्कृति और शिक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के पावन अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरा परिसर उत्साह, जोश और गौरव के भाव से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में “सम्राट अशोक कालीन शिक्षा व्यवस्था एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था” विषय पर विचार-विमर्श किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद बाबू सिंह कुशवाहा तथा विशिष्ट अतिथि रामसूरत मौर्य उर्फ तेजू प्रधान, फौजदार आनंद, निवास कुमार मौर्य, ह्रदय लाल मौर्य और तेज प्रताप मौर्य की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को कई गुना बढ़ा दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका चेयरमैन मनोरमा मौर्या ने की, जिनके नेतृत्व में आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रहा।
मुख्य अतिथि बाबू सिंह कुशवाहा ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि सम्राट अशोक केवल एक महान शासक ही नहीं थे, बल्कि वे मानवता, शांति और शिक्षा के सच्चे मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि अशोक काल में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना था। आज की आधुनिक शिक्षा को भी उन्हीं मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि एक सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण हो सके।
उन्होंने आगे कहा कि सम्राट अशोक की नीतियां प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर देश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने अशोक कालीन शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उस समय शिक्षा जीवनोपयोगी, नैतिक और समाजोन्मुखी थी, जबकि आज की शिक्षा को तकनीकी के साथ-साथ संस्कारों से जोड़ने की आवश्यकता है।
समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में देशभक्ति, इतिहास के प्रति सम्मान और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला।
यह कार्यक्रम न केवल एक जयंती समारोह रहा, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला एक प्रेरणादायक संदेश भी बनकर उभरा।











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