दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न पहनने के मामलों में शुक्रवार को संयुक्त जाँच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व भीमसेन सिंह, उप परिवहन आयुक्त, वाराणसी ज़ोन द्वारा किया गया। उनके साथ सुधांशु रंजन, ए.आर.टी.ओ. (प्रवर्तन) भी उपस्थित रहे।
पुलिस टीम का नेतृत्व प्रवीण कुमार, ए.सी.पी. ट्रैफिक तथा अनुराग त्यागी, टी.आई. कैंट, वाराणसी द्वारा किया गया। इस दौरान गुलाब चंद्र, ए.आर.ओ. भी मौजूद रहे।
अभियान के अंतर्गत पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान के आदेशों के अनुपालन की जाँच की गई तथा संबंधित बैनरों की उपलब्धता एवं प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। जाँच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 60 चालान किए गए।
जाँच के दौरान आमजन को हेलमेट पहनने के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। बताया गया कि हेलमेट पहनने से सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु की संभावना लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है। हेलमेट पहनना वाहन चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले सवारी (पिलियन राइडर) के लिए भी अनिवार्य है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि दोपहिया वाहन पर केवल दो व्यक्तियों (चालक सहित) को ही सवार होने की अनुमति है।
मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत हेलमेट न पहनने पर ₹1000 का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। नागरिकों से अपील की गई कि वे यातायात नियमों का पालन कर अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।











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