वाराणसी,
17 दिसम्बर टैक्स दो ,वरना कुर्की कर दी जाएगी । यह फरमान किसी और का नही बल्कि वाराणसी के नगर निगम का है ,वो भी किसी और को नही ,काशी के पवित्र मठों और मंदिरों को । इसी नोटिस से साधु संतों में गहरी नाराजगी है । वैष्णव संप्रदाय के सर्वोच्च धर्माध्यक्ष जगद्गुरु बलकदेवाचार्य जी महाराज के नेतृत्व में पातालपुरी मठ में जुटे बड़ी संख्या में संतो ने अपनी सीधी मांग रख दी । संतो ने एकमत से मांग किया कि अयोध्या ,मथुरा और काशी को विशेष धार्मिक दर्जा दिया जाए । यहां के सभी मठों आए मंदिरों को सभी करो से मुक्त किया जाए । कुर्की का नोटिस भेजने वाले अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए ।
जगदगुरु बलकदेवाचार्य ने कहा कि ” सरकार यदि सनातन धर्म के लिए कुछ कर नही सकती तो मंदिरों के शहर में मंदिरों की कमाई खाने वाले नगर निगम को अगर थोड़ी भी शर्म है तो मठों और मंदिरों को हर तरह के कर से मुक्त करे । मठ और मन्दिर दुनिया को शांति और अनुशासन का पाठ पढ़ाते है । वैदिक संस्कृति और कर्मकांड को बिना किसी सरकारी मदद के आगे बढाने का काम करते है ।
वही सरकार मदरसों को फण्ड और सरकारी वेतन दे रही है ताकि इस देश का इस्लामीकरण किया जा सके ।
मैं सीधे तौर पर नगर निगम को कहता हूँ कि मठों और मंदिरों को कर से मुक्त किया जाए । यदि ऐसा नही हुआ तो संतो के बड़े प्रतिकार के लिए लोग तैयार रहे । नगर निगम की बदसलूकी से आहत संतो ने कहा कि अब जो होगा सड़क पर जनता के बीच होगा ।
बैठक में महंत डॉ० श्रणव दास, महंत अवध बिहारी दास, महंत शिवदास, महंत संत दास, महंत सियाबल्लभ शरण दास, महंत सियाराम दास, महंत शिवकुमार दास, महंत गोविन्द दास, महंत अवध किशोर दास, महंत राघव दास आदि प्रमुख संत उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला











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