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डीडीयू नगर
लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पं पारसनाथ तिवारी नवीन परिसर में मानवाधिकार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए प्रो संजय पांडेय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था, जो हर व्यक्ति के समान अधिकारों और स्वतंत्रता की पुष्टि करती है, ताकि दुनिया भर में मानवाधिकारों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और उन लोगों के अधिकारों की रक्षा की जा सके जिन्हें ये नहीं मिलते हैं।
आज के दिन यह याद दिलाने का प्रयास किया जाता है कि हर इंसान को बिना किसी भेदभाव (जाति, लिंग, धर्म, भाषा आदि) के जीने, बोलने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। डा पंकज कुमार ने कहा कि मानवाधिकार के अंतर्गत- आवागमन की स्वतंत्रता; कानून के समक्ष समानता; निष्पक्ष सुनवाई और निर्दोषता की धारणा का अधिकार, विचार, विवेक और धर्म की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा, संघ की स्वतंत्रता, सार्वजनिक मामलों और चुनावों में भागीदारी आदि का अधिकार मिला है, अगर कोई संस्था या व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो माना जाएगा कि वो मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो भावना ने किया।
इस अवसर पर डा नवीन कुमार पांडेय, विनीत, सुनील, सुरेंद्र, सुजीत के साथ छात्र छात्राएँ उपस्थित थे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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