इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उतर प्रदेश राजीव कृष्णा ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर हुए संवाद में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि पुलिस झंडा दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वर्षभर पुलिस विभाग द्वारा की गई प्रगति,
सेवा कार्यों तथा अपराध नियंत्रण के प्रभावी प्रयासों की समीक्षा और उत्सव मनाने का अवसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि “झंडा दिवस इस बात का उत्सव होना चाहिए कि कितना अपराध कम हुआ, कौन-कौन से नवाचार किए गए और समाज सेवा में कितना योगदान दिया गया।
” संवाद के दौरान राज्यपाल जी ने 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं के लिए शुरू किए गए एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों की सभी बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य लगनी चाहिए। उन्होंने गर्भाशय संबंधी जांच नियमित रूप से करवाने का निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी बीमारी का पता प्रारंभिक अवस्था में चल जाए तो उपचार सरल होता है, जबकि देर होने पर कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एचपीवी वैक्सीनेशन को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि “महिलाओं को इस रोग से मुक्त करना अत्यंत आवश्यक है।”राज्यपाल ने यह भी बताया कि इस अभियान की शुरुआत सबसे पहले राजभवन उत्तर प्रदेश से की गई, उसके बाद इसे विश्वविद्यालयों, प्राथमिक स्कूलों, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों तथा पुलिसकर्मियों की पुत्रियों तक विस्तारित किया गया है।

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी











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